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प्रकृति के नियम

Sagar Sagar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            समय किसी के लिए नहीं ठहरा
        
                                                    
                            

तितलियों के हृदय में नित्य रहता है,
कि पुष्प सदा प्रफुल्लित रहे।
मयूर के अंतर्मन की आकांक्षा है,
कि सावन अनवरत बरसता रहे।
पहाड़ों के हृदय की अभिलाषा है,
कि नदियाँ शाश्वत बहती रहें।
और पेड़ों के मन की लालसा है,
कि पतझड़ कभी न आए, वे सदा शादाब रहें।
तथापि... समय किसी के लिए कहाँ ठहरता है?
जो ठहर जाए वो समय ही नहीं।
4 घंटे पहले
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