समय किसी के लिए नहीं ठहरा
तितलियों के हृदय में नित्य रहता है,
कि पुष्प सदा प्रफुल्लित रहे।
मयूर के अंतर्मन की आकांक्षा है,
कि सावन अनवरत बरसता रहे।
पहाड़ों के हृदय की अभिलाषा है,
कि नदियाँ शाश्वत बहती रहें।
और पेड़ों के मन की लालसा है,
कि पतझड़ कभी न आए, वे सदा शादाब रहें।
तथापि... समय किसी के लिए कहाँ ठहरता है?
जो ठहर जाए वो समय ही नहीं।
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