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सुशांत सिंह राजपूत

Sachin Tripathi

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            कल रात सपने में हुई
        
                                                    
                            
सुशांत से मुलाकात
हम दोनों के बीच
थोड़ी से बात
कहने लगा ,
नीचे सब ठिक-ठाक
हमने भी कहा,
ख़ाक है,सब ख़ाक
मालुम नहीं तुम्हे,तुम
भेड़ियों के साथ रह रहे थे
बड़े भोले हो यार तुम
उनको अपना कह रहे थे
तुम्हारे पापा दुःखी है
बहनो के आँसू ,थम नहीं रहे
इकलौता भाई चला गया
बताओ, अपना गम किससे कहें
अचानक मेरा सपना , टूट जाता है
साथ इतना ही था बस , छूट जाता है
2 वर्ष पहले
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