कल रात सपने में हुई
सुशांत से मुलाकात
हम दोनों के बीच
थोड़ी से बात
कहने लगा ,
नीचे सब ठिक-ठाक
हमने भी कहा,
ख़ाक है,सब ख़ाक
मालुम नहीं तुम्हे,तुम
भेड़ियों के साथ रह रहे थे
बड़े भोले हो यार तुम
उनको अपना कह रहे थे
तुम्हारे पापा दुःखी है
बहनो के आँसू ,थम नहीं रहे
इकलौता भाई चला गया
बताओ, अपना गम किससे कहें
अचानक मेरा सपना , टूट जाता है
साथ इतना ही था बस , छूट जाता है