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चांद तुम

S. Pandey

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            चांद तुम
        
                                                    
                            
रहते हो तारों संग
तभी तो सब देख तुझको
ढूंढते हैं
साथी अपने
कौन है जो कहता है कि
तुम तन्हा के साथी
मैं कहूं तुम
जलाते प्रेम में
डूबे दिलों को
कौन कहता हैं कि
तुम तड़पते
चांदनी की रोशनी में
तुम जलाते हो
सभी को।।।।।।।।
8 महीने पहले
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