विज्ञापन

अगम कुआं

s k

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            बिहार के पटना मे
        
                                                    
                            
है 'अगम 'कुआँ ,
आकार में गोलाकार
गहराई बत्तीस मीटर
ऊपरी हिस्से में इसके
तेरह मीटर की गहराई तक
बना हुआ है ईट से
जबकि बाकी बचे नीचे के
उन्नीस मीटर पर
छल्ले है लकड़ी के ।

कुआं का पानी
कभी नहीं सूखता
और बाढ़ आने से भी
जलस्तर पर कोई
फर्क नहीं पड़ता
हैरान करने वाली बात है
कि इस कुएं में हमेशा
एक डेड़ फीट जलस्तर बना रहता ।


अगम कुआं की गहराई
पता लगाने के लिये
ब्रिटिश शासन के
दौरान 1932 में
कुएं से पानी निकालते
बाढ़ जैसे हालात बने
पर कुआं की गहराई का
पता नहीं चल सका ।

फिर 1962 में बिहार के
मुख्यमंत्री कृष्ण सिंह ने
कोशिश की , लेकिन सफलता
नहीं मिली , टीम ने कई दिनों
तक लगातार कुएं से
पानी, सोने के सिक्के निकाले,
लेकिन वे इसके तल
तक नहीं पहुंच सके
पर पानी का स्तर फिर से
अपने आप मूल स्तर पर आ गया।

कुछ लोग मानते है
कुएं का पानी का सम्बन्ध
बंगाल की खाड़ी में स्थित
पवित्र स्थान गंगा सागर से है,
अगम कुआं की निचली सतह
पर गुप्त दरवाजे हैं
जो पृथ्वी की
सतह के नीचे
पाताल लोक तक जाते।

चंद नामक राजा ने
जैन भिक्षु सुदर्शन को
फेंक दिया था 'अगम ' कुएं में
पर वे पानी में तैरकर
सतह पर आ गये
और कमल पर बैठे
हुये पाये गये
सत्य भारत के सनातन मे
है अनेको रहस्य समेटे।
-सुबीर कुमार भट्टाचारजी
एक वर्ष पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

Anurag vishwkarma (aiyaar)

8 कविताएं

View Profile

Priya Mehra

1 कविता

View Profile