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माँ की ममता

Rohit Tiwari

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            माँ
        
                                                    
                            
“प्यार की नदियाँ बहती रहती,
और सुखों का सावन हैं,
माँ की ममता गंगा-यमुना के
संगम सी पावन है,
चार धाम तुम कर ना पाए
है कोई अफ़सोस नहीं,
माँ के चरणों में तुम जा बैठो
वो चारो धाम से पावन है।”

- रोहित तिवारी
19 घंटे पहले
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