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बस तेरा सहारा

Rishabh Bhatt

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            भटका हूँ कब से राधे तेरे रहते,
        
                                                    
                            
है आस पकड़ लोगी तुम बहते–बहते,
ये जीवन धारा है,
तू मेरा किनारा है,
अब पार लगूं जिस भी बस तेरा सहारा है।

– ऋषभ भट्ट
18 घंटे पहले
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