बात..
कोई हो मगर,
बात होनी चाहिए
नज़रों की-
नजरों से,
मुलाकात होनी चाहिए ।
साथ तेरे चल पड़ूं हर बार
ये मुमकिन नहीं
हाँ, जरूरी है....
तेरी परवाह होनी चाहिए।
सामने तू मुस्कुरा दे,
या मेरे जाने के बाद,
मुकुराहट ..
तेरे आस पास होनी चाहिये ।
कोई शय मुझको कहीं ले जाये
अपनी चाह में
है जरूरी...
घर में मेरी रात होनी चाहिए।