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तेरी साँसो की तपिश से

Reeta Bhushan

Mere Alfaz
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                            तेरी साँसो की तपिश से
        
                                                    
                            
ढल गया तस्सवुर मेरा
तेरे तस्सवुर में ढल जाऊँ
अब इरादा यही है मेरा।

तू पास आ या कि दूर जा
मुझे कुछ फ़र्क नहीं है।
तेरे साये से मैं लिपट जाऊँ
अब इरादा यही है मेरा।

तू जी ले जिंदगी अपनी
बता , मैनें तुझे कब रोका।
तेरे नाम से मैं जी लूँ
अब इरादा यही है मेरा।

तू चाहें मुझे या ना चाहें
मेरी उल्फ़त कम ना होगी।
जिंदगी सा तुझकों चाहना
अब इरादा यही है मेरा।

ज़माने को कुछ पता चले ना
मैं कोशिशें करुँगी।
मेरी कोशिशें रंग लाए
अब इरादा यही है मेरा।

तू भला था भला ही रहेगा
वादा रहा ये तुझ से
सारे इल्ज़ाम सर अपने लूँ
अब इरादा यही है मेरा।

रीटा भूषण मंगला

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