विज्ञापन

हमारी मुलाकात कभी हो पाएगी ?

Ravi kaithwas

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            मुझको तुम्हारी हर एक बात पसंद है
        
                                                    
                            
खासकर तुम्हारी आवाज पसंद है
जब तुम पहनती हो साड़ी
और संवारती हो अपनी जुल्फे
मुझको तुम्हारी वो अदाएं पसंद है

तुम्हारा वो चांद सा चेहरा
वो झील सी आंखें
कानों का वो झुमका
होठों की वो मुस्कान
और हाथों की चूड़ियां

यहां तक मुझको तुम्हारा नाराज होना भी पसंद है

पर यह पसंद क्या पसंद ही रह जाएगी ?
तुमसे मिलने की आस में जिंदगी गुजर जाएगी

बस दिल को यही तसल्ली देता रहता हूं
शायद हमारी मुलाकात कभी हो पाएगी।
2 घंटे पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

Adv DK Kanojiya

71 कविताएं

View Profile

Ankit Kumar

10619 कविताएं

View Profile