विज्ञापन

सीने में संकल्प की ज्वाला, आँखों में अंगार

RATAN KUMAR

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            मेरे जीवन के पन्नों पर लिखी है तेरी बात,
        
                                                    
                            
शिखर पर जाकर लिखनी है, सपनों की एक सौग़ात।
राहों में चाहे बिछ जाएँ काँटे, चाहे घिर जाए रात,
इरादों की लौ जलाकर बदलनी है हर बिसात,
मंज़िल के माथे पर लिखनी है मेहनत की औक़ात।

तेरे शब्दों की गूँज लिए मैं, चलता रहा हर बार,
सीने में संकल्प की ज्वाला, आँखों में अंगार।
वक़्त भले आज़माता जाए, करता रहे प्रहार,
झुकने का अभ्यास नहीं है, संघर्ष मेरा हथियार,
शिखर को जीतने निकला हूँ, लेकर नया विचार।

जो सपने आँखों में पलते हैं, उनको उड़ान भी देनी है,
सूनी पड़ी उम्मीदों में, नई जान भी भरनी है।
तूफ़ानों से कह दो अब, अपनी हद में रहना है,
बिजली बनकर चमकना है, पर्वत बनकर रहना है,
इतिहास के हर पन्ने पर अपनी पहचान गढ़नी है।

न थककर बैठना राहों में, न मुश्किल से घबराना है,
गिरकर फिर से उठना है, हर ठोकर को अपनाना है।
मेहनत की भट्ठी में तपकर, कुंदन बनकर आना है,
अपने ही संकल्पों से, तक़दीर को समझाना है,
जो ख़्वाब अधूरे छोड़े थे, उनको सच कर दिखाना है।

मेरे जीवन के पन्नों पर तेरी बात अमर रहे,
मेरे हौसलों की गूँज सदा, ऊँचे शिखर पर रहे।
सपनों की आँखों में अब, तूफ़ानों का जुनून रहे,
मेरी हर कोशिश में कल का, एक नया सुकून रहे,
जब तक साँसें चलती हैं, संघर्ष का फ़ितूर रहे।
-रतन कुमार कैथवास
10 घंटे पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

Prasoon Saxena

973 कविताएं

View Profile