ये छोटी-छोटी लयबद्ध तकनीकें इतिहास बनाएँगी,
मानव स्वभाव से मिलकर नई दुनिया बनाएँगी।
जहाँ सोच और मशीन का संवाद होगा नया,
वहीं इंजीनियरिंग भी कोई नया गीत गाएगी।
जो समझेगी धड़कनों को, जो पढ़ेगी मन की चाल,
वो तकनीक आदमी की ज़िंदगी सँवार जाएगी।
ईंट-पत्थर से नहीं, विचारों से शहर बनेंगे,
मनुष्य की ज़रूरतें ही उनकी नींव कहलाएँगी।
ये हुनर सिर्फ़ मशीनों को चलाने का नहीं,
इंसानी फ़ितरत से जुड़कर नई मिसाल बन जाएगी।
-रतन कुमार कैथवास