शीशे के फलक पर पारा क्यों उतर आया,
क्या मेरे दिल का तापमान नापने आया?
काँच के भीतर चुपचाप क्यों ठहरा हुआ है,
क्या कोई राज़ मेरा जानने आया?
जिस्म का बुखार तो थर्मामीटर बता देगा,
ये पारा शायद दिल का हाल बताने आया।
मैंने पूछा… किसलिए इतना चमक रहा है,
वो बोला… तेरे भीतर का ताप नापने आया।
-रतन कुमार कैथवास