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कोरोना के बाद क्या

Ramnath

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            
भैया जी,
एक बात बताओ जरा
क्यों परेशान हो
क्या हो गया जो
कांप रहा आपका
ज़रा ज़रा

अच्छा ! कोरोना आया है,
इसलिए ?

तो सुनो
चोरी डाके हो रहें हैं
रिश्तों के सरेआम क़त्ल हो रहें हैं
इन्सान इन्सान को काट रहा है
दोस्त दोस्त को, भाई भाई को
बेटा बाप को, बाप बेटे को
चाचा भतीजे को, भतीजा चाचा को
उतार रहे मौत के घाट

कहने को हो रही महिलाएं और "वो" लड़कियां अपडेट
कर रहीं उनमें से कुछ
धंधा,पर है वो ज्यादा गंदा
बन चतुराई से संबंधों की सौदागर
"मियां जाए भाड़ में ", कानून की आड़ में
मांग मांग कर रकमें मोटी
करती ही जा रहीं हैं
आदमियों का आखेट

हर पल
कत्ल और कत्ल
कत्ल पे कत्ल

अपहरण, चीरहरण
दुष्कर्म, कूकर्म
गैंगरेप,
पीड़िता की चित्कार
गला रेत का हाहाकार
मासूमों का सौदा
ममताओं का रुदन

हर घर, हर डगर
गांव गांव
शहर शहर
कफ़न के सौदागर
कालाबाजारी के बाजीगर

अब बताओ,
क्या कोरोना भी न आए
तो हमें
कौन सबक सिखाए !

हांलांकि ये भी कुछ कम नहीं
पर
ये तो कुछ भी नहीं
'गर नहीं सुधरेंगे तो
अगली बार रौना आएगा
जब कोरोना नहीं
कोको-रौना आएगा !

- (रामनाथ).
2 वर्ष पहले
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