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प्रकृति के साथ बढ़ाएं मेलजोल

Ramjeet pal

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            धर्म की बातें भले ही कभी लगती हैं सीधी तो कभी लगती है घूमाते हुए गोल-गोल,
        
                                                    
                            
किंतु धर्म बाहरी प्रकृति और मनुष्य के अंत प्रकृति की परते धीरे-धीरे देता है खोल,
अतः विज्ञान को चाहिए कि अंधाधुन दौड़ में प्रकृति के साथ अनहित करने के बजाय,
संपूर्ण विकास हेतु धर्म के साथ मिलकर प्रकृति के साथ बढ़ाएं अपना मेलजोल|
-मनस्व
12 घंटे पहले
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