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खुश हूं, ये हंसीन शाम देखकर

Ramjeet pal

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            खुश हूं, ये हंसीन शाम देखकर,
        
                                                    
                            
खुश हूं मैं तुम्हारे हाथों में जाम देख कर,
ये इश्क अब खासम खास ना रहा,
खुश हूं, मैं इसे होते हुए आम देखकर|
-मनस्व
2 वर्ष पहले
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Anil Pandey

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