सचमुच कहते हैं इसे अति निष्ठुर पापिनी यदि मर जाता है कोई बेमौत,
और जिस तरह से जीवन का ये रास्ता रोके खड़ी है कह सकते हैं इसको जीवन का सौत,
किंतु कोई यदि इस क्षणिक जीवन के क्षणिक सुख के लिए अति कष्टमय,
संघर्ष कर रहा हो तो उसके लिए एक नया रास्ता बनकर खड़ी हो जाती है यही मौत|
-मनस्व