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बीत गया वो बचपन मस्ती में उठते बैठते दौड़ते- भागते

Ramjeet pal

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            बीत गया वो बचपन मस्ती में उठते बैठते दौड़ते- भागते,
        
                                                    
                            
बीत गया वो बचपन मस्ती में खेलते कूदते सोते जागते,
जिसमें हम कुछ ठीक से थे ना ही जानते ना ही भांपते,
जिसमें हम छोटे बड़े सभी को एक ही माप से थे मापते|
-मनस्व
एक घंटा पहले
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