बीत गया वो बचपन मस्ती में उठते बैठते दौड़ते- भागते,
बीत गया वो बचपन मस्ती में खेलते कूदते सोते जागते,
जिसमें हम कुछ ठीक से थे ना ही जानते ना ही भांपते,
जिसमें हम छोटे बड़े सभी को एक ही माप से थे मापते|
-मनस्व
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