मेरा रोज जन्म होता है , होता रोज मरण है मेरा , यह भी तय करना है मुझको ,
कब है स्थायी देख मुहूर्त मुझको सोना , तब फिर कैसा जीवन पर रोना , फिर कैसा जीवन पर रोना ,
होता नहीं जन्म स्थाई , अन्वेषण आत्म न बात पराई .....
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