विज्ञापन

पूरे आकाश का उजला होना आवश्यक नहीं।

Rajeshwari Joshi

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            मेरे अल्फ़ाज
        
                                                    
                            

अँधेरा कितना भी गहरा हो,
प्रकाश की संभावना को
समाप्त नहीं कर सकता।

क्योंकि उजाला
सिर्फ़ सूरज में नहीं होता,
वह उस विश्वास में भी पलता है
जो बंद दरवाज़ों के पीछे
भोर की आहट सुन लेता है।

रात चाहे
आकाश के अंतिम छोर तक फैल जाए,
एक छोटी-सी किरण
उसके साम्राज्य को चुनौती देने के लिए
काफ़ी होती है।

हर बुझा हुआ दीप
अंत नहीं होता,
कभी-कभी उसकी राख में भी
एक अगली लौ
चुपचाप जन्म ले रही होती है।

इसलिए
जब रास्ते दिखाई न दें,
तब रास्तों पर नहीं—
अपने भीतर देखना;
क्योंकि उम्मीद
वह प्रकाश है
जो आँखों से पहले
आत्मा को रास्ता दिखाता है।

अँधेरा चाहे कितना भी गहरा हो,
प्रकाश की संभावना को
समाप्त नहीं कर सकता—
क्योंकि एक किरण के जन्म के लिए
पूरे आकाश का उजला होना आवश्यक नहीं।
5 घंटे पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

Deepak Narang

295 कविताएं

View Profile

Aalam-e-Ghazal Parvez

285 कविताएं

View Profile