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वो अनजान है...

रंजीत कुमार अर्णव

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            वो अनजान है मेरी इस बेचैनी से,
        
                                                    
                            
वो बेखबर है मेरी हर रात से....
मैं हर दुआ में उसी को मांग लेता हूँ,
और फिर दुआ के बाद खुद ही डर जाता हूँ!
कि अगर उसे पता चला तो क्या! सोचेगी,
क्या इस पागल दिल का हाल समझेगी ?
इसलिए रहने दो, ये राज़ राज़ ही रहने दो,
मुझे उसकी यादों में ही आबाद रहने दो।
-अर्णव
4 घंटे पहले
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