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उसके लफ्ज़ों का नशा कोई हम से पूछे ?

रंजीत कुमार अर्णव

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            उसके लफ्ज़ों का नशा कोई हम से पूछे ?
        
                                                    
                            
जब वो बोलती है,तो रूह काँप सी जाती हैं ।
न शराब, न जाम, बस उसकी बातें.......?
वो हँसती है ,तो रूह तक बहक जाती है।
-अर्णव.....
21 घंटे पहले
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