मोहब्बत का असर
औरत की मोहब्बत इतनी मजबूत होती है
कि एक हारे हुए लड़के को
फिर से जीना सिखा देती है,
उसके टूटे हुए हौसले को
अपने प्यार से जोड़ देती है।
वह उसके अंधेरों में
एक रोशनी बनकर आती है,
गिरे हुए इंसान को
फिर उठना सिखाती है,
और उसके बिखरे सपनों में
उम्मीद भर देती है।
मगर कभी-कभी
मर्द की मोहब्बत इतनी गहरी होती है
कि वही हँसती-खेलती लड़की
धीरे-धीरे खामोश हो जाती है,
उसकी आँखों की चमक खो जाती है,
और वह जीते-जी
एक जिंदा लाश बन जाती है।
मोहब्बत अगर सच्ची हो
तो जीवन सँवारती है,
और अगर उसमें अधिकार,
दर्द और घुटन घुल जाए
तो वही मोहब्बत
इंसान को भीतर से मार देती है।
मोहब्बत की ताकत
इस बात में नहीं कि
कौन कितना टूटकर चाहता है,
बल्कि इस बात में है
कि उसके साथ रहकर
दूसरा इंसान कितना खिलता है।
-रजनी