हाल-ए-दिल
वो हाल भी न पूछ सके,
हमें बेहाल देखकर,
हम हाल भी न बता सके,
उन्हें खुशहाल देखकर।
यदि वो चाहते,
तो सब कुछ ठीक हो सकता था,
मगर उनके अहंकार ने
इसे उचित न समझा।
कुछ दर्द ऐसे होते हैं,
जो शब्दों में उतरते नहीं,
और कुछ रिश्ते ऐसे होते हैं,
जहाँ अपने भी अपने लगते नहीं।
हमने मुस्कुराकर छुपा लिया दर्द,
उन्होंने मुस्कुराकर गुज़र कर दिया,
दोनों के बीच सब कुछ था,
बस एक-दूसरे को समझने का हुनर नहीं था।
-रजनी