विज्ञापन

जहाँ उसकी असली पहचान होती है।

Rajani Shakyawar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            जिन लोगों को ईश्वर ने हृदय और परख दी है,
        
                                                    
                            
वे आदमी की पोशाक नहीं देखते,
वे उसके गुण और चरित्र देखते हैं।

किसी की शक्ल और रंग-रूप में
उन्हें कोई दिलचस्पी नहीं होती,
वे तो इंसान के भीतर झाँकते हैं,
जहाँ उसकी असली पहचान होती है।

चेहरा तो समय के साथ ढल जाता है,
रंग-रूप भी एक दिन मिट जाता है,
पर अच्छे कर्म और सच्चा चरित्र
इंसान के जाने के बाद भी याद आता है।
— रजनी
एक महीने पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

Manju Sharma

3561 कविताएं

View Profile