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बाकि फुदकती महत्वाकांक्षाओं को

Rahul Shrivastava

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            एक सलाह
        
                                                    
                            
अनजाने में मिल गई

एक बार की सुनी...
दिल पे लिख गई

भगवान, मुझे मेरे मन की
दुनिया चाहिए

अभी के संघर्षों से...
नहीं कोई बुराई है

सबसे पहले,
पहला मुकाम हासिल करूं!

बाकि फुदकती महत्वाकांक्षाओं को...
थामे रखूं

इस तरह से चलूं

प्रवाह, धीमा, तेज़
जैसा भी हो...

-राहुल


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2 घंटे पहले
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