एक सलाह
अनजाने में मिल गई
एक बार की सुनी...
दिल पे लिख गई
भगवान, मुझे मेरे मन की
दुनिया चाहिए
अभी के संघर्षों से...
नहीं कोई बुराई है
सबसे पहले,
पहला मुकाम हासिल करूं!
बाकि फुदकती महत्वाकांक्षाओं को...
थामे रखूं
इस तरह से चलूं
प्रवाह, धीमा, तेज़
जैसा भी हो...
-राहुल
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