विज्ञापन

समझाइश

Rahul Shrivastava

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            ख़ुद का कहा मानना...
        
                                                    
                            
सीखना पड़ेगा

तभी वजूद
कुछ ठोस, कुछ नर्म होता दिखेगा

आ जाएंगे दोस्त...
राहुल सब्र रख लो!

बदल जाएंगे बोल...
अभी के लिए सुन लो

क्या है छोटा-सा आज का लक्ष्य मेरा?

रहता रहे अक्स, अगर हो संग-ए-मरमर सा

लाओ, और बहसबाज़ियों से... तरबतर कर दो... दिल मेरा

जो-जो चीज़ें सता रहीं हैं, सबसे पहले, उन्हीं के संग रखो दंगल मेरा!

पता चले कौन
कायर है यहां



.
2 घंटे पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

Dn Chaubey

7417 कविताएं

View Profile

Updesh Kumar

13199 कविताएं

View Profile