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सड़कें

Rachna Raizada

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            मैं रोज़ इनसे होकर गुजरती हूँ ,
        
                                                    
                            
ये सड़कें मुझे जानती हैं।

कभी इंतजार सी लंबी सड़कें,
कभी हमसफ़र बन दुलारती हैं।
दौड़ती सी दिखती ये सड़कें,
लड़खड़ाते कदमों को संभालती हैं।

मैं रोज़ इनसे होकर गुजरती हूँ ,
ये सड़कें मुझे जानती हैं।
एक वर्ष पहले
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