मैं रोज़ इनसे होकर गुजरती हूँ ,
ये सड़कें मुझे जानती हैं।
कभी इंतजार सी लंबी सड़कें,
कभी हमसफ़र बन दुलारती हैं।
दौड़ती सी दिखती ये सड़कें,
लड़खड़ाते कदमों को संभालती हैं।
मैं रोज़ इनसे होकर गुजरती हूँ ,
ये सड़कें मुझे जानती हैं।
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