कई अनसुलझी बातें लिए घूमते हैं सब,
दिल खाली और मन भारी लिए घूमते हैं सब।
बातों के शहरों- शहर घूमते हैं सब,
अपने ही घर में एक घर ढूँढते हैं सब।
कई अनसुलझी बातें लिए घूमते हैं सब,
दिल खाली और मन भारी लिए घूमते हैं सब।