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फिर से हम बनाएंगे अपने देश को महान

Rabindra Aman

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            अमर उजाला के मंच पर हो रहा मुशायरा
        
                                                    
                            
देख के सब शायरों को दिल मेरा खुशियों से है भरा

इस महफिल में खिले है कितने रंग बिरंगे फूल
यहां एक साथ जो इतने फूल खिले हैं
देख के इन फूलों को मैं हर गम गया हूं भूल

सब के चेहरे पर कितनी हसीन मुस्कान है
सबको नया कुछ करना है,
सबकी उम्मीदें जवान है

यहां कौन बड़ा है कौन छोटा ,यह कहना है मुश्किल
यहां खुशियों का बस आलम है
यह दिवानों की है महफिल

आओ हम सब मिलकर ज्योत नया जलाए
अपने आस पास जो अंधकार है ,
उस अंधकार को मिटाए

आओ हम सब मिलकर करे यही आह्वान
फिर से हम बनाएंगे अपने देश को महान

हम चाहे जैसे हैं यहां,
हम खुश हैं , हम हैं मगन
हमको अपने जीवन से भी प्यार है अपना वतन

- रविन्द्र अमन (कोलकाता)
22 घंटे पहले
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