विज्ञापन

किसी के दिल में मुझको भी थोड़ी जगह मिल जाये

Rabindra Aman

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            मेरा दिल दीवाना , ढूंढे कोई ठिकाना
        
                                                    
                            
किसी के दिल में मुझको भी थोड़ी जगह मिल जाये

मैं ना चाहूं मेरा नाम हो, ना चाहूं बनू धनवान
जिसको किसी का प्यार मिला , उसी का है जहान
मैं रब से चाहूं कोई दिलवर नजराना
मेरा दिल दीवाना, ढूंढे कोई ठिकाना
किसी के दिल में मुझको भी थोड़ी जगह मिल जाए

मैं राहों में, सफर में कितनों से मिला हूं
देखकर किसी हसीना को मै फूल सा खिला हूं
मुफ़्त में दिल जलाने का मेरा दस्तूर है पुराना
मेरा दिल दीवाना , ढूंढे कोई ठिकाना
किसी के दिल में मुझको भी थोड़ी जगह मिल जाए

कोई तो मिलेगा जो सुनेगा मेरे दिल का हाल
जाने वो कैसा पल होगा ,कैसा दिन होगा कैसा साल
यह सोचकर मुझको आए शर्माना
मेरा दिल दीवाना, ढूंढे कोई ठिकाना
किसी के दिल में मुझको भी थोड़ी जगह मिल जाए
-रविन्द्र अमन
5 घंटे पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

Anurag vishwkarma (aiyaar)

8 कविताएं

View Profile

Priya Mehra

1 कविता

View Profile