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मेंढ़क मामा

Pushpa sahu

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            मेंढक मामा चले बाजार |
        
                                                    
                            
खत्म हुआ आज आचार ll

सारा मजा हुआ बेकार l
खाना फीका बिन अचार ll

निकले घर से बिना विचार l
हुआ ना एक पल इंतजार ll

पहना जूता हुए तैयार l
करके पूरा साज श्रृंगार ll

पकड़ा छाता टोपी उतार l
चश्मा पहना लिया सिगार ll

छान मारा सारा बाजार l
मिला ना आम का आचार ll
-पुष्पा साहू मीरा
4 महीने पहले
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