विज्ञापन

झुक कर मुझे जीना नहीं

Puja rani Pandit

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            मैं शुक्रात नहीं ,
        
                                                    
                            
खुद को साबित करने केलिए
जेहर पीई सकुं .....
मैं दलाई लामा नहीं
देश छोड़ सकूं .....
ऐसे बहुत है
सभीके बारे में मुझे मालूम नहीं .....

मैं उस देश की बेटी हूं
जहां तुलसी , कबीर , दिनकर जैसे
कोई गुजर गए .....

मैं उस मिट्टी की बेटी हूं
जहां लक्ष्मी बाई , इन्दिरा , कल्पना
कोई मिट गए .....
और बहुत सारे हैं
सबकी नाम मुझे मालूम नहीं

जब एक दिन मुझे भी मिटना है
कल नहीं तो आज सही .....
लेकिन झुकना मुझे मंजूर नहीं
मैं तो बस इतना जानती हूं
झुक कर मुझे जीना नहीं .....

 
16 घंटे पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

Anita Dasani

15 कविताएं

View Profile

Ankit Kumar

10521 कविताएं

View Profile