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तराना ए बेचैन दिल

Prem Narayan

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            करके मेरे दामन में आंखों का जखीरा तू इंतजार के लम्हें और ना तू अब कोई शुमार कर
        
                                                    
                            
सच ये भी हमने ना तुमसे कोई गिला किया है देकर हमें जख्म दर्द और ना शुमार कर
मिला जो हादसा दिल टूट गया हसरतें हुई है मेरी नाकाम अब तू और गम ना शुमार कर
हैरान हूं मैं ये सोच कर हुआ तुम्हें क्या अब खुद ही बदल कर साजिश दर्द ना शुमार कर
गिले कीजिए जरूर ताकि मिटे दिल का गुबार मगर बदल के आंख तू गम ना शुमार कर
5 घंटे पहले
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Ramesh Raj

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