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तराना ए बेचैन दिल

                
                                                         
                            करके मेरे दामन में आंखों का जखीरा तू इंतजार के लम्हें और ना तू अब कोई शुमार कर
                                                                 
                            
सच ये भी हमने ना तुमसे कोई गिला किया है देकर हमें जख्म दर्द और ना शुमार कर
मिला जो हादसा दिल टूट गया हसरतें हुई है मेरी नाकाम अब तू और गम ना शुमार कर
हैरान हूं मैं ये सोच कर हुआ तुम्हें क्या अब खुद ही बदल कर साजिश दर्द ना शुमार कर
गिले कीजिए जरूर ताकि मिटे दिल का गुबार मगर बदल के आंख तू गम ना शुमार कर
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3 घंटे पहले

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