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समझ सके ना पीर

Pratap S

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            कागा पिता बनाय के, देते पूड़ी खीर।
        
                                                    
                            
जियते माई-बाप का , समझ सके ना पीर।।
-सत्येंद्र पटेल "नूतन राव"
एक घंटा पहले
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