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समझ सके ना पीर

                
                                                         
                            कागा पिता बनाय के, देते पूड़ी खीर।
                                                                 
                            
जियते माई-बाप का , समझ सके ना पीर।।
-सत्येंद्र पटेल "नूतन राव"
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39 minutes ago

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