प्रेम को स्वीकार करने से पहले,
जीवनसाथी चुनने से पहले,महिलाओं के मन में,
और भी भविष्य की अपेक्षाएं सामने होती हैं,
अब प्रेम-प्रसंग परिस्थितियाँ काफी बदल गई हैं.
हर युवा के मन में प्रेम की चाह होती है,
एक तरफ जीवन की प्राथमिकता, रोजगार,
वहीं दूसरी ओर परिस्थितियों में इंतजार,
तब महिलाएँ प्रेम छोड़ कर,आगे बढ़ना चुनती हैं.
कुछ महिलाएं कभी इंतजार नहीं करतीं,
या फिर उन्हें इंतजार करना पसंद नहीं है,
अगर उनका प्रेमी या पति,
उन्हें नहीं समझ पाता है,तो वे रिश्ता छोड़ देती हैं.
कुछ महिलाएं उस रिश्ते या परिस्थिति में,
रुकना पसंद नहीं करतीं,
जहाँ उन्हें कमतर आंका जाता है,
वे जीवन के फैसले खुद लेती हैं,आगे बढ़ जाती हैं.
वे जानती हैं कि उनका समय,भावनाएं मूल्यवान हैं,
वो पुरुष को नहीं बल्कि महत्वाकांक्षा को चुनती हैं,
ऐसी महिलाएं साथी पुरुष की प्रतीक्षा नहीं करती हैं.