चलो आज कुछ पुराने लोगों को ढूंढ लेते हैं
कुछ ख्वाब में, कुछ हकीक़त में झूम लेते हैं
कुछ बंदिशें हैं 'गम' जताने में....
बंदिशें भूल कर आँसुओं को चूम लेते हैं।
प्रांजुल
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