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तब तक चौखट की आबरू सलामत है

Pramod Srivastav

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                            दहलीज के अंदर पाँव है जबतक,
        
                                                    
                            
तब तक चौखट की आबरू सलामत है,
-प्रमोद श्रीवास्तव साहित्य
7 घंटे पहले
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