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तब तक चौखट की आबरू सलामत है

                
                                                         
                            दहलीज के अंदर पाँव है जबतक,
                                                                 
                            
तब तक चौखट की आबरू सलामत है,
-प्रमोद श्रीवास्तव साहित्य
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4 घंटे पहले

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