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गैस लाईटर

Prakriti

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            आत्ममुग्ध इंसान या गैस लाइटर एक दिन
        
                                                    
                            
में ही सब खत्म नहीं करता वह बहुत लंबे
समय तक सब कुछ गौर से देखता है सुनता
है खबरें लेता है पूरी नजर रखता है।

वह चारो ओर नजर रखता है
हर पल हर क्षण तैयारी करता है।


उसको जिस इंसान से नफ़रत है
उसके इर्द-गिर्द वह सब पर नजर
रखता है और एक एक को अपने
पक्ष में कर लेता है और जिससे
नफरत है उसे अकेला कर देता है

ताकी वह उसके नियंत्रण में आ जाएं।


इस गैस लाइटर + आत्म मुग्ध की जीत
इसलिए हो जाती है कोई ना कोई खोटा
सिक्का जो हमारा अपना ही होता है वो
इसकी बातों को जो सच ही नहीं है पर
सत्य मानकर अपनों से दूरी बना लेता है।

और ये आत्ममुग्ध और गैस लाइटर की
चाल आसानी से कामयाब हो जाती है।

बुद्धि फेरना या हिप्नोटाइज जैसा कर देना
एसी एसी चालें चलना की खून के रिश्ते में
ना चाहते हुए भी दरार आ जाए।


जब तक इंसान खुद समझदार नहीं होगा
मानसिक रूप से कमजोर होगा बहकावे
में आएगा तब तक यह गैस लाईटर और
आत्ममुग्ध लोग जहर भरते रहेंगे और
अपनी चालें चलते रहेंगे इनमें से यदि
एक भी अपने परिवार और अपनों के
प्रति वफादार हो जाए या किसी के भी
खरीदने से वह बिके नहीं या किसी भी
मजबूरी में वह फंसे नहीं।


तो एसे आत्ममुग्ध लोग स्वयं ही नष्ट हो
जाएंगे पर अफसोस इंसान ना बड़ा ही
स्वार्थी हैं।

काम और लोभ लालच मोह
उसे अंधकार की ओर ले जाता है।
यदि व्यक्ति में स्वयं में समझदारी है।
वह विवेक बुद्धि से फैसला लेता है।

दोनों पक्षों को समझता है तो फिर
किसी के बहकावे में आकर वह अपनों
को नहीं छोड़ सकता है।


और यदि उसने ही ठान ली है की मुझे
तो अपनों का त्याग करना है तो फिर
छोटी सी छोटी चिंगारी भी उसे आसानी
से पकड़ सकती है।

कोई भी उसे अपनों से अलग नहीं कर
सकता है।

इतनी कच्चे बुद्धि का इंसान जो किसी
के भड़काने से भड़क जाए किसी की
चिकनी चुपड़ी बातों में आ जाए और
अपनों से ही वैर भाव कर लें उस इंसान
को वयस्क नहीं कह सकते वह एक छोटा
बच्चा होता है बालक बुद्धि होता है।

परिपक्वता यह नहीं कहती की किसी
ने आपको भड़काया और अपने उसकी
बात मानकर तुरन्त रिश्ते समाप्त कर दिए

हां इसका दूसरा यह भी कारण है की
आपको पहले से ही रिश्ते तोड़ने थे और
यह नया व्यक्ति आपको मिला और आपको
छोड़ने का बहाना मिल गया।

बहुत से ऐसे लोग हैं समाज में जो रिश्ते
की कद्र नहीं करते हैं छोटी सी बात का
बतंगड़ बनाकर पुराने से पुराने रिश्ते को
खत्म कर देते हैं।

और यही हालात आजकल एकल परिवार
से व्यक्ति को इतना अकेला कर चुके हैं की
आने वाले समय में पता नहीं क्या हालात होंगे।

लोग रिश्ते को इतना लंबा नहीं चला सकते हैं।
उनको फटाफट वजह चाहिए और दूर चले जाते
है।
3 घंटे पहले
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