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इतिहास..

Pradeepti Sharma

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            जर जर होता इतिहास,
        
                                                    
                            
तिनका तिनका इसका बिखरता,
हर तिनके में छिपी हैं कहीं,,
अतीत की अनगिनत अनकही बातें,
राजा थे, साम्राज्य थे, प्रजा थी,
शत्रु थे, राजद्रोही भी,
द्वन्द्व हुए, षड्यंत्र भी,
विजयी हुए, पराजित भी,
उत्थान हुआ, पतन भी,
मगर फिर भी
एक कलाकार अपना कार्य करता रहा,
निर्माण का, कारीगरी का,
तराशता रहा पत्थर,
देकर उनको आकार कई |
वक़्त के साथ,
ये आकार विकृत होते गए,
मगर इनका आधार वहीं रहा,
अडिग, शाश्वत,
ये ही असली शक्ति है कला की,
एक कलाकार की |
-प्रदीप्ति
3 वर्ष पहले
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