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समाज पर संकट का काला बादल

Powari Bhasha

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            मातृभाषा पोवारी पर
        
                                                    
                            
पवारी नाव थोप रहया सेव।
कर्णधारों! मातृभाषा पोवारी की,
बढ़ती बेल तुम्हीं मुरकट रहया सेव।।

पोवारी संस्कृति पर
पवारी नाव थोप रहया सेव।
कर्णधारों!पोवारी संस्कृति की,
बढ़ती बेल तुम्हीं मुरकट रहया सेव।।

पोवार समाज पर
पवार नाव थोप रहया सेव।
कर्णधारों! पोवार समाज की,
बढ़ती बेल तुम्हीं मुरकट रहया सेव।।

पोवार समाज की
ऐतिहासिक पहचान बदल रहया सेव।
कर्णधारों!पोवार समाज की,
पोवारी अस्मिता ला कुचल रहया सेव।।

दूय तीन जातियों ला
एक मा तुम्हीं मिलाय रहया सेव।
कर्णधारों!तुम्हीं समाज को,
स्वतंत्र अस्तित्व मिटाय रहया सेव।।

अंतर्जातीय विवाह कर
तुम्हीं धीरु- धीरु आगे बढ़ रहया सेव।
कर्णधारों!पोवार समाज को,
ऐतिहासिक अस्तित्व मिटाय रहया सेव।।

प्रिय स्वजनों उठों जागो
कर्णधारों की साज़िश तुम्हीं पहचान लेव।
षड़यंत्रों को खिलाफ,
संघर्ष करके समाज को अस्तित्व बचाय लेव।।

-ओ सी पटले
2 महीने पहले
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