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बाबा अमरनाथ

Parveen Gagneja

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            सखी री चलो बाबा अमरनाथ की नगरी
        
                                                    
                            
जिस की रहमतों से झोली सबकी है भरती

श्रद्धा और प्रेम की मिलन स्थली है यह तो
अलग अनुभूति अलग एहसास लिए है यह तो

बाबा अमरनाथ की छवि देखो कितनी प्यारी है
सुंदर श्वेत बर्फ से निर्मित इसकी तो शान निराली है

सजी है सुंदर दुर्गम राहें वारिद छम छम बरसते हैं
कभी वर्षा की बूंदे तन मन को शीतल करती हैं

भक्त प्यारे शिव का गुणगान करते हैं
जयकारे लगाते हैं और नाच करते हैं

देखो चहुं ओर हजारों सुस्वादु व्यंजनों की महक
फिज़ा को है महकाती

यह है नगरी प्यारे बाबा शिव की
दुर्गम राहों की थकान मिटाती है

ओम नमो शिवाय से घाटी को गुंजाते हैं
बैरागी शंभू के दर्शन बर्फ से निर्मित रूप में पाते हैं

हजारों फीट ऊंचे सिंहासन पर मेरे शिव विराजे है
सुंदर बर्फ से सजे शिव अमरेश्वर भी कहलाते हैं

हिंदू मुस्लिम एकता की प्रतीक यात्रा निराली है
चलो बाबा की नगरी इसकी शान निराली है
3 वर्ष पहले
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