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बिछड़ कर उससे हमको उसकी फ़ुर्क़त ने है मारा

Parul Bhaktani

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            न ताकत मौत में हमको मोहब्बत ने है मारा
        
                                                    
                            
हमारा जो न था उसकी ज़रूरत ने है मारा

बहुत चाहा कि सुलझा लेते ख़ुद ही मसअला ये
हमें तो गुफ़्तगू करने की हिम्मत ने है मारा

लिखी क़िस्मत में थीं फ़ुर्क़त की लंबी रातें शायद
बताएँ क्या हमें तो कैसे उजलत ने है मारा

मोहब्बत की ही चाहत में किया कुर्बान सब कुछ
हमारी तिश्नगी-ए-दिल की शिद्दत ने है मारा

जो अपना था नही 'पारुल' ने अपनाया था उसको
बिछड़ कर उससे हमको उसकी फ़ुर्क़त ने है मारा
2 घंटे पहले
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