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जब निशान दिखाई देने लगे

paramjit kaur

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            चुप रहकर भी गुज़रती रहीं,
        
                                                    
                            
कुछ हदें थीं,
जो धीरे-धीरे पार होती रहीं।
फिर एक दिन,
जब निशान दिखाई देने लगे,
तो पुराने जवाबों को
नए सवाल मिलने लगे।

-अपराजितापरम
6 घंटे पहले
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